World Elephant Day: कतर्नियाघाट की दो फिमेल हाथी चंपाकली और जयमाला को महावत ने दी जंगल के रक्षा की ट्रेनिंग जानें उन्हीं की जुबानी

​महावत मोहर्रम अली जी के अनुसार, दोनों हथिनियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है, जिससे ये कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी शांत और अनुशासित रहती हैं.​पहले जहां इन हाथियों का मुख्य उपयोग पर्यटकों को जंगल की सैर कराने तक सीमित था, वहीं अब हिंसक जानवरों के बढ़ते मामलों विशेषकर बाघ और तेंदुए के कारण इनकी भूमिका पूरी तरह बदल चुकी है. ​जब भी कोई बाघ या तेंदुआ जंगल से भटककर मानव आबादी या गांव के सीमावर्ती इलाकों में घुस आता है, तो वन कर्मी और महावत इन हाथियों पर सवार होकर कॉमिंग ऑपरेशन चलाते हैं.

World Elephant Day: कतर्नियाघाट की दो फिमेल हाथी चंपाकली और जयमाला को महावत ने दी जंगल के रक्षा की ट्रेनिंग जानें उन्हीं की जुबानी