भदोही की कालीन के साथ अब बहराइच की हस्तनिर्मित दरी मशहूर शकुंतला देवी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर वेस्टेज कपड़े से करती हैं तैयार
भदोही की कालीन के साथ अब बहराइच की हस्तनिर्मित दरी मशहूर शकुंतला देवी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर वेस्टेज कपड़े से करती हैं तैयार
शकुंतला देवी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी और दरी बनाने का काम शुरू किया. तब इन्होंने देखा कि पहले व्यापारी को कपड़े और पैसे देने पड़ते थे. तब व्यापारी बन कर ला कर देते थे. इन्होंने जानकारी जुटा कर खुद से बनाने को सोचा और फिर ट्रेनिंग लेकर खुद से बनाना शुरू कर दिया. अब सीतापुर, लखनऊ या अन्य बड़ी-बड़ी जगह पर जहां पर कपड़े की फैक्ट्रियां लगी हुई है वहां से निकलने वाली कतरन वेस्टेज को यह कम कीमत पर खरीद लेती हैं और फिर अपने हाथों से धागे से बीनकर बड़ी-बड़ी दरी बनाकर तैयार करती हैं.