अयोध्या के राम कचहरी मंदिर में सहस्रलिंगम शिव की महिमा जहां श्रीराम और शिव का संबंध है पूरक दर्शन से पूरी होती हैं मनोकामनाएं
अयोध्या के राम कचहरी मंदिर में सहस्रलिंगम शिव की महिमा जहां श्रीराम और शिव का संबंध है पूरक दर्शन से पूरी होती हैं मनोकामनाएं
अयोध्या के राम कचहरी मंदिर के महंत शशिकांत दास बताते हैं कि भगवान शिव और प्रभु श्रीराम एक-दूसरे के आराध्य हैं. वे कहते हैं कि गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस में स्पष्ट लिखा है "शिव द्रोही मम भगत कहावा, सो नर सपनेहुँ मोहि न भावा". अर्थात जो भगवान शिव का अनादर करके स्वयं को श्रीराम का भक्त कहता है, वह प्रभु श्रीराम को भी प्रिय नहीं होता.