12 साल की उम्र में लिया संन्यास अब शिप्रा किनारे मचान पर बाबा की कठोर तपस्या बनी आकर्षण का केंद्र

सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन में संतों का आगमन बढ़ रहा है. नरसिंह घाट पर महंत गणेशानंद सरस्वती पीपल के पेड़ पर बने मचान में चातुर्मास साधना कर रहे हैं. विश्व शांति के संकल्प के साथ उनका यह तप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना है.

12 साल की उम्र में लिया संन्यास अब शिप्रा किनारे मचान पर बाबा की कठोर तपस्या बनी आकर्षण का केंद्र