MBA ग्रेजुएट क्यों छोड़ रहे नौकरियां जानें वजह ट्रेंड से कंपनियां परेशान
MBA ग्रेजुएट क्यों छोड़ रहे नौकरियां जानें वजह ट्रेंड से कंपनियां परेशान
MBA : एमबीए करने वालों के बीच नौकरी छोड़ने का ट्रेंड काफी तेजी से बढ़ रहा है. इसने कंपनियों को चिंतित कर दिया है. इसका पता डेलॉयट टच तोहमात्सु इंडिया एलएलपी (डेलॉयट इंडिया) के नए कैंपस वर्कफोर्स ट्रेंड 2024 की स्टडी से चलता है. हालांकि नौकरियां छोड़ने की ऊंची दर के बावजूद कंपनियों की पहली पसंद एमबीए ग्रेजुएट बने हुए हैं.
MBA : मैनेजमेंट कोर्स एमबीए को स्थिर ऊंची सैलरी वाली नौकरी की गारंटी माना जाता है. लेकिन एमबीए करने वाले प्रोफेशनल्स में नौकरी छोड़ने का ट्रेंड बढ़ते देखा जा रहा है. इसने इंडस्ट्रीज को परेशान कर दिया है. डेलॉयट टच तोहमात्सु इंडिया एलएलपी (डेलॉयट इंडिया) के नए कैंपस वर्कफोर्स ट्रेंड 2024 की स्टडी से पता चलता है कि देश में एमबीए ग्रेजुएट्स के बीच नौकरी छोड़ने की दर तेजी से बढ़ रही है. लेटेस्ट स्टी से पता चलता है कि नए लोगों, कैंपस से पढ़ाई करने और एक-दो साल के भीतर नौकरी छोड़ने की दर क्रमश: 21%, 26% और 28 फीसदी दर्ज की गई है. स्टडी में कहा गया है कि टॉप कैंपस के स्टूडेंट्स के बीच एंट्री लेवल जॉब्स छोड़ने की दर काफी चिंता जनक है.
रिपोर्ट में कहा गया है, हालांकि टियर-2 और टियर-3 कैटेगरी के कैंपस के स्टूडेंट्स की जॉब छोड़ने की दर थोड़ी कम है. यह क्रमश: 19 फीसदी, 21 फीसदी और 15 फीदी है. डेलॉइट इंडिया के निदेशक नीलेश गुप्ता ने कहा कि इस साल की स्टडी से पता चलता है कि ऑर्गनाइजेशन्स को अपनी रिटेंशन स्ट्रेटजी पर विचार करना चाहिए, खासकर एमबीए ग्रेजुएट्स को लेकर. उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी मार्केट में टॉप टैलेंट को रोक कर रखने के लिए इनोवेटिव प्रैक्टिस अब ऑप्शन नहीं, अनिवार्यता है.
हायरिंग में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग
उन्होंने पक्षपात को कम करने और पारदर्शिता को बढ़ाने का हवाला देते हुए बताया कि इस स्टडी से पता चलता है कि प्रत्येक पांच में से चार एग्जीक्यूटिव हायरिंग का फैसला हिस्ट्री या नेटवर्क की बजाए सैलरी, प्रमोशन और स्किल के आधार पर लेने के पक्ष में है. उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सफल होने के लिए छात्रों को बहुमुखी कौशल से लैश करने वाले शैक्षणिक संस्थानों की आवश्यकता है.
बिना एमबीए ग्रेजुएट के नहीं चल रहा काम
स्टडी से पता चलता है कि एमबीए ग्रेजुएट की नौकरियां छोड़ने की ऊंची दर के बावजूद 70 फीसदी ऑर्गनाइजेशन एमबीए ग्रेजुएट्स की तलाश करते हैं. जो कि उनकी व्यावसायिकि सफलता में एमबीए ग्रेजुएट के महत्व को प्रदर्शित करता है. स्टडी से यह भी पता चला है कि संगठनों द्वारा इंटर्नशिप और प्री प्लेसमेंट ऑफर देने में क्रमश: 10 फीसदी और 26 फीसदी की गिरावट आई है.
500 से अधिक कैंपस के आंकड़ों का किया गया अध्ययन
डेलॉयट इंडिया कैंपस वर्कफोर्स ट्रेंड 2024 की रिपोर्ट 190 से अधिक ऑर्गनाइजेशन और 500 से अधिक कैंपस के आंकड़ों के अध्ययन के बाद तैयार की गई है. भारत में हर साल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से लाखों की संख्या में एमबीए ग्रेजुएट पास आउट होते हैं.
एमबीए ग्रेजुएट के लिए बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली पहली पसंद
स्टडी से पता चलता है कि मैनेजमेंट की डिग्री हासिल करने वाले स्टूडेंट्स की शीर्ष पसंद में बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई टॉप 3 शहरों में आते हैं. जबकि इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई शीर्ष पसंदीदा शहरों में आते हैं.
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Tags: Career Guidance, Education news, Job and careerFIRST PUBLISHED : May 23, 2024, 15:01 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed