बड़े भाई को छोटे भाई-बहनों की जमीन बेचने का हक नहीं था लेकिन 1975 में खरीदी 4 बीघा जमीन पर हाईकोर्ट का फैसला
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतिवादियों ने कानून द्वारा तय समय के भीतर बिक्री को चुनौती नहीं दी. उन्हें बालिग होने के बाद या तरुबाला साहा को जमीन सौंपे जाने के बाद तय समय के भीतर अपना दावा पेश करना चाहिए था. कोर्ट ने कहा कि इतनी लंबी देरी का मतलब था कि वे अब सेल डीड को रद्द करने या जमीन वापस पाने का दावा नहीं कर सकते थे.