गुप्त वादे खुली बेचैनी: कर्नाटक में कांग्रेस आलाकमान के अनिर्णय का शिकार
गुप्त वादे खुली बेचैनी: कर्नाटक में कांग्रेस आलाकमान के अनिर्णय का शिकार
कर्नाटक इस वक्त कांग्रेस के लिए सिर्फ एक शासित राज्य नहीं, बल्कि उसकी राष्ट्रीय साख और राजनीतिक क्षमता की सबसे बड़ी परीक्षा बन चुका है. जहां एक ओर सरकार के कामकाज के नतीजे जमीन पर दिख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नेतृत्व को लेकर दिल्ली की चुप्पी ने राज्य की राजनीति में बेचैनी भर दी है. कथित सत्ता-साझेदारी के वादे पर आलाकमान का अनिर्णय न सिर्फ कार्यकर्ताओं और विधायकों को असमंजस में डाल रहा है, बल्कि शासन की गति और पार्टी की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रहा है.