करीना के जज्बे को सलाम! एक अंगूठे से सारा काम बनना चाहती है डॉक्टर

Jamui Inspirationa Story: इस लड़की में पढ़ने-लिखने की लगन इतनी है कि वह अपने हाथों का ऑपरेशन भी नहीं कराना चाहती, डर है कि ऑपरेशन के बाद कहीं और न नुकसान पहुंच जाए. 8वीं की यह छात्रा जिस तरह से एक अंगूठे से लिखती है इसे देख लोग दंग रह जाते हैं.

करीना के जज्बे को सलाम! एक अंगूठे से सारा काम बनना चाहती है डॉक्टर
हाइलाइट्स एक अंगूठे से ही पढ़ने के साथ सारा काम निपटाती है 8वीं की छात्रा करीना. दोनो हाथ से दिव्यांग यह छात्रा पढ़ कर बनना चाहती है डॉक्टर. 2 साल पहले हुआ था ऑपरेशन अब अंगूठा खो जाने के डर से नहीं चाहती है इलाज. जमुई. परिस्थितियों चाहे लाख विपरीत हो हिम्मत के बल पर इंसान सफलता की राह पर चल ही देता है. बिहार के जमुई जिले की करीना की कहानी कुछ ऐसी ही जो लोगों काफी इंस्पायर करती है. दरअसल जमुई जिले के खैरा इलाके के कागेश्वर गांव की रहने वाली 8वीं की छात्रा 12 साल की करीना ने अपनी मेहनत और जज्बे की शानदार मिसाल पेश की है. जन्म से ही करीना के दोनों हाथों में मात्र एक अंगूठा ही है. मात्र एक अंगूठे के सहारे ही करीना अपनी तकदीर लिखने चल पड़ी है. खुद का काम निपटाने के बाद करीना हर दिन स्कूल जाती है और दूसरे बच्चों की तरह लिखती पढ़ती है. एक अंगूठे के सहारे ही लिखने वाली करीना शिक्षा को लेकर बहुत ही गंभीर है. अब वह आठवीं में पहुंच गई है और पढ़ लिखकर डॉक्टर बनना चाहती है. दोनों हाथों में मात्र एक अंगूठा होने के बाद भी बचपन से ही करीना शिक्षा को लेकर गंभीर है. हाथों की उंगलियां नहीं रहने के बाद भी एक अंगूठे से ही लिखने की प्रैक्टिस की, जिसका नतीजा है कि आठवीं में पढ़ने वाली यह छात्र सुंदर हैंडराइटिंग के साथ लिखती है. कागजों पर इसकी लिखावट को देख कोई नहीं कह सकता है कि किसी ने मात्र एक अंगूठे के सहारे ही लिखा हो. सोनू सूद ने करवाया था ऑपरेशन इस लड़की में पढ़ने-लिखने की लगन इतनी है कि वह अपने हाथों का ऑपरेशन भी नहीं कराना चाहती, डर है कि ऑपरेशन के बाद कहीं और न नुकसान पहुंच जाए. 8वीं की यह छात्रा जिस तरह से एक अंगूठे से लिखती है इसे देख लोग दंग रह जाते हैं. दरसअल करीना जब 10 साल की थी और छठी में पढ़ रही थी तब इसके बारे में मीडिया में खबर आई थी. उस समय वॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने करीना के उंगलियों का ऑपरेशन करवाया था. करीना का पटना में ऑपरेशन हुआ था, ऑपरेशन के बाद उसे राहत तो मिली लेकिन दर्द के कारण कई महीनों तक वह परेशान रही. अब ऑपरेशन के नाम से इसे डर लगता है. करीना साफ तौर पर कहती है कि वह अब ऑपरेशन नहीं करवाएगी क्यों कि डर है कि उसका अंगूठा भी न बर्बाद न हो जाए. डेढ़ साल से नहीं मिली सहायता राशि करीना के पिता अजय राम नौवीं पास हैं और दूसरे प्रदेश में ट्रक चलाने का काम करते हैं. मां सुमन देवी ने पढ़ाई नहीं की है. दोनो हाथों में सिर्फ एक अंगूठे वाली यह 8वीं की यह होनहार छात्रा पढ़ लिखकर आगे बढ़ना चाहती है. करीना की मां सुमन देवी का कहना है कि उसकी बेटी का दिव्यांगता का प्रमाण पत्र भी है लेकिन, डेढ़ साल से उसे सरकार से मिलने वाली सहायता राशि नहीं मिली है. उसकी बेटी पढ़ना चाहती है  लोगों से गुहार होगी कि उसे पढ़ने के लिए मदद करें. Tags: Divyang leader, Inspiring story, Positive NewsFIRST PUBLISHED : January 3, 2025, 15:02 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed