22 से खोला खाता 78 पर अटके लोकसभा का वो डाटा जिसमें पाक भी भारत से आगे

1951-1952 के बाद से हर लोकसभा चुनाव में महिला सासंदों की संख्या बढ़ती गई. भले ही थोड़ी ही सही. 2019 के चुनाव में सारा रिकॉर्ड टूटा और सबसे ज्यादा महिलाएं सांसद बनीं.

22 से खोला खाता 78 पर अटके लोकसभा का वो डाटा जिसमें पाक भी भारत से आगे
Women MPs in India: लोकसभा चुनाव लगभग आखिरी दौर में है. नतीजों में 15 दिन और बचे हैं. तमाम पार्टियां अपनी जीत के दावे कर रही हैं. सीटों का गुणा-गणित साधने में जुटी हैं. पर एक गणित ऐसी भी है, जिसमें भारत अपने पड़ोसी पाकिस्तान-बांग्लादेश से भी पिछड़ गया है. वो है महिलाओं के प्रतिनिधित्व का. भारतीय संसद में सिर्फ 14.2% महिलाएं हैं. पहले लोकसभा चुनाव का हाल शुरुआत पहले लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) से करते हैं. साल 1951-52 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में कुल 22 महिलाएं सांसद बनी थीं. यह कुल सीटों के मुकाबले सिर्फ 4.4 फ़ीसदी था. उसे चुनाव में पंडित नेहरू की बहन विजय लक्ष्मी पंडित भी लखनऊ सीट से चुनाव जीती थीं, लेकिन यह साफ नहीं है कि उन्होंने बतौर सांसद शपथ ली या नहीं. क्योंकि तब वह UN में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रही थीं. साल 1953 में वह यूएन जनरल असेंबली की पहली महिला अध्यक्ष बनी थीं. पहले लोकसभा चुनाव में जो चर्चित महिलाएं सांसद बने थीं, उनमें हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से राजकुमारी अमृत कौर, नई दिल्ली सीट से सुचेता कृपलानी, डिंडीगुल (मद्रास) सीट से अम्मू स्वामीनाथन शामिल थीं. पहले आम चुनाव में सबसे ज्यादा 5 महिलाएं उत्तर प्रदेश से चुनी गई थीं. इसमें कांग्रेस के टिकट पर गंगा देवी, श्योराजवती नेहरू, उमा नेहरू और विजय लक्ष्मी पंडित शामिल थीं. वहीं, जन संघ के टिकट पर शकुंतला नैयर जीती थीं. 1952 से बढ़ती गई संख्या 1951-1952 के बाद से हर लोकसभा चुनाव में महिला सासंदों की संख्या बढ़ती गई. भले ही थोड़ी ही सही. उदाहरण के तौर पर 1957 के चुनाव में 27 महिलाएं जीतीं, 1962 में 34 महिलाएं जीतने में सफल रहीं. 2009 के लोकसभा चुनाव में पहली बार लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या कुल सीटों के मुकाबले 10 फीसदी से ज्यादा हुई. 16वीं लोकसभा (2009 से 2014 तक) में पहली बार 61 महिलाएं जीत कर लोकसभा में पहुंचीं. यह कुल सीटों के मुकाबले 11.2% था. ये भी पढ़ें: दो भाइयों की लड़ाई में कैसे खुला मुरथल का अमरीक-सुखदेव ढाबा? कौन है इसका मालिक 2019 में टूटा सारा रिकॉर्ड 2019 के चुनाव में सारा रिकॉर्ड टूटा और सबसे ज्यादा महिलाएं सांसद बनीं. पिछले चुनाव में कुल 78 महिलाएं जीतकर लोकसभा में पहुंची. यह कुल सीटों के मुकाबले 14.2 फीसदी था. पर हम पड़ोसियों से भी पीछे पहले लोकसभा चुनाव से अब तक भले ही संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा है, लेकिन पड़ोसी देशों के मुकाबले हम बहुत पीछे हैं. दुनिया की तमाम पार्लियामेंट के डाटा पर काम करने वाली संस्था इंटर पार्लियामेंट्री यूनियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत महिलाओं के प्रतिनिधित्व के मामले में 193 देशों में 142वें नंबर पर है. यहां तक कि हम अपने पड़ोसी पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से भी पीछे हैं. पाकिस्तानी 137वें, बांग्लादेश 113वें और नेपाल 54वें नंबर पर है. इस बार बदलेगी सूरत हालांकि उम्मीद है कि इस बार सारा रिकॉर्ड टूटेगा. संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में महिला आरक्षण विधेयक पारित करवाया था. जिसमें महिलाओं के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभा में 33% सीटें आरक्षित की गई थीं. यह विधेयक बहुत लंबे समय से पेंडिंग था. Tags: 2024 Loksabha Election, Loksabha Election 2024, Loksabha ElectionsFIRST PUBLISHED : May 19, 2024, 09:38 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed