सिर्फ स्नान ही नहीं! तीर्थराज पुष्कर में निभाई जाती हैं 4 महान धार्मिक परंपराएं जानें हर घाट का महत्व
सिर्फ स्नान ही नहीं! तीर्थराज पुष्कर में निभाई जाती हैं 4 महान धार्मिक परंपराएं जानें हर घाट का महत्व
Ajmer Hindi News: तीर्थराज पुष्कर देश के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में गिना जाता है. यह केवल पवित्र स्नान के लिए ही नहीं, बल्कि श्राद्ध कर्म, अस्थि विसर्जन और अखंड सुहाग की कामना जैसी चार प्रमुख धार्मिक परंपराओं का भी प्रमुख केंद्र है. मान्यता है कि पुष्कर सरोवर में स्नान करने से पापों का नाश होता है और आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध और अस्थि विसर्जन करते हैं. वहीं विवाहित महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु की कामना से विशेष पूजा-अर्चना करती हैं. भगवान ब्रह्मा की नगरी के रूप में प्रसिद्ध पुष्कर अपनी आध्यात्मिक विरासत, प्राचीन घाटों और धार्मिक मान्यताओं के कारण देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आस्था और संस्कृति का अद्वितीय केंद्र बना हुआ है.