आतिशी सरकार ने गजब कर दिया MCD ने किया ऐसा दिल्‍लीवालों को नहीं होगा यकीन

Green Delhi App: दिल्‍ली और आसपास के इलाकों में एयर पॉल्‍यूशन को देखते हुए सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं. ग्रीन दिल्‍ली ऐप के जरिये आमलोग अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं. इसको लेकर दिल खुश करने वाली खबर सामने आई है.

आतिशी सरकार ने गजब कर दिया MCD ने किया ऐसा दिल्‍लीवालों को नहीं होगा यकीन
नई दिल्‍ली. देश की राजधानी दिल्‍ली और आसपास के इलाकों में एयर पॉल्‍यूशन से हालात हर साल बेहद खराब हो जाते हैं. पॉल्‍यूशन को कंट्रोल करने के लिए तरह-तरह के उपाय किए गए हैं, ताकि लोग स्‍वच्‍छ हवा में सांस ले सकें. एयर पॉल्‍यूशन की शिकायत को लेकर भी स्‍पेशल प्‍लेटफॉर्म तैयार किया गया है, ताकि आमलोग कंप्‍लेन फाइल कर सकें. इसे ग्रीन दिल्‍ली ऐप (Green Delhi App) का नाम दिया गया है. इस ऐप पर की गई शिकायतों पर एक्‍शन को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. दिल्‍ली नगर निगम (MCD), दिल्‍ली विकास प्राधिकरण (DDA) और लोक निर्माण विभाग (PWD) ने ग्रीन दिल्‍ली ऐप पर आई शिकायतों को निपटाने में गजब की फुर्ती दिखाई है. मुख्‍यमंत्री आतिशी मर्लेना और दिल्‍ली के पर्यावरण मंत्री गोपला राय की सक्रियता का भी इसमें अहम रोल रहा है. जानकारी के अुनसार, दिल्ली सरकार को इस साल अब तक ग्रीन दिल्ली ऐप के माध्यम से प्रदूषण से संबंधित 84,765 शिकायतें प्राप्त हुईं. बता दें कि एमसीडी, पीडब्‍ल्‍यूडी और डीडीए इन शिकायतों पर एक्‍शन लेने वाली नोडल एजेंसियां हैं. एमसीडी में सबसे अधिक 54,878 शिकायतें आईं, जिनमें से 46,279 (84.33 प्रतिशत) शिकायतों का समाधान किया जा चुका है, जबकि 8,599 शिकायतें लंबित हैं. पीडब्ल्यूडी को 12,327 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 10,803 (87.64 प्रतिशत) शिकायतों का समाधान किया गया और 1,524 शिकायतें लंबित हैं. डीडीए द्वारा दर्ज की गईं 4,795 शिकायतों में से 4,424 (92.26 प्रतिशत) का निस्तारण कर दिया गया और 371 शिकायतें अब भी लंबित हैं. पार्लियामेंट के पास शख्‍स ने खुद को किया आग के हवाले, हर तरफ मची सनसनी, पुलिस के भी उड़े होश चार साल पहले शुरू हुआ था ऐप यह आंकड़े दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग के अंतर्गत दिल्ली पॉल्‍यूशन कंट्रोल कमेटी (डीपीसीसी) द्वारा बनाए गए ग्रीन दिल्ली ऐप पर उपलब्ध विभागवार शिकायत पर आधारित है. दिल्ली सरकार ने साल 2020 में ग्रीन दिल्ली ऐप को शुरू किया और इस ऐप के जरिए लोग तस्वीरें या वीडियो अपलोड करते हुए स्थान के बारे में बताते हुए शिकायत दर्ज करवा सकते हैं. समाधान के लिए शिकायतों को संबंधित नागरिक एजेंसी के पास भेज दिया जाता है और उपयोगकर्ता अपनी शिकायतों पर अपडेटेड जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. किस डिपार्टमेंट में कितनी शिकायतें इसमें सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के पास आईं 2,032 शिकायतों में से 91.98 प्रतिशत को निपटा दिया गया. रेवेन्‍यू डिपार्टमेंट के पास आईं 1,041 शिकायतों में से 84.53 प्रतिशत का निस्तारण कर दिया गया और दिल्ली जल बोर्ड के पास आईं 3,056 शिकायतों में से 97.94 प्रतिशत हल हो गई हैं. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को 362 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि दिल्ली मेट्रो रेल निगम को 564 शिकायतें प्राप्त हुईं. कुल शिकायतों में से 10,656 को उस श्रेणी में बांटा गया है, जिसका समय पर निस्तारण नहीं किया गया है, जिसमें एमसीडी में अकेले ही ऐसे 8,322 मामले हैं. नवंबर में पॉल्‍यूशन की गंभीर हालत पॉल्‍यूशन कंट्रोल अथॉरिटी के अनुसार, नवंबर में दिल्ली में साल का सबसे गंभीर वायु प्रदूषण स्तर दर्ज किया गया, जब एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स (एक्यूआई) 491 तक पहुंच गया था, यह अति गंभीर श्रेणी में आता है. दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने स्थिति को हेल्‍थ इमरजेंसी बताया था. दिल्ली सरकार ने संकट को कम करने के लिए स्कूलों को बंद करने, कंस्‍ट्रक्‍शन वर्क को रोकने और वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने जैसे आपातकालीन उपाय लागू किए थे. Tags: Atishi marlena, Delhi air pollution, Delhi developmet authority, Delhi MCDFIRST PUBLISHED : December 25, 2024, 18:28 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed