हो रही थू-थू मगर नफरत कम नहीं अतुल सुभाष की बीवी के परिवार ने अब क्‍या क‍िया

Atul Subhash Death: बेंगलुरु के इंजीनियर अतुल सुभाष की बीवी के परिवार ने कहा कि उनको अतुल की मौत पर खेद है लेकिन इसके लिए वो दोषी नहीं है. अतुल की बीवी निकिता सिंघानिया के परिवार ने कहा कि वे जल्द ही सबूतों के साथ सामने आएंगे.

हो रही थू-थू मगर नफरत कम नहीं अतुल सुभाष की बीवी के परिवार ने अब क्‍या क‍िया
जौनपुर. बेंगलुरु के इंजीनियर अतुल सुभाष के लिए न्याय की मांग के बीच, उनकी बीवी के परिवार ने कहा है कि उन्हें अतुल की मौत पर खेद है, लेकिन जो कुछ भी हुआ उसके लिए वे दोषी नहीं हैं. जबकि अतुल सुभाष की मौत के बाद से उसकी बीवी के परिवार की चारों ओर आलोचना हो रही है. CNN-jharkhabar.com से बात करते हुए, उन्होंने जोर देकर कहा कि वे जल्द ही सबूत के साथ सामने आएंगे कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया. अतुल की बीवी निकिता सिंघानिया के परिवार ने कहा कि ‘जो कुछ भी हुआ उसके लिए हम दोषी नहीं हैं. हम जल्द ही सभी सबूतों के साथ सामने आएंगे. हमने कुछ भी गलत नहीं किया है. हमें अतुल की मौत पर अफसोस है.’ बेंगलुरु के 34 साल के इंजीनियर अतुल सुभाष ने 9 दिसंबर को कथित तौर पर अपनी बीवी और उसके परिवार से परेशान होकर मौत को गले लगा लिया. सबसे बड़ी बात ये सामने आई कि बेंगलुरु के इंजीनियर की मौत की बड़े पैमाने पर आलोचना की गई. उन्होंने 90 मिनट के वीडियो और 24 पन्नों के सुसाइड नोट में अपने संघर्षों को दर्ज किया. जिसमें उन्होंने खुलासा किया कि उनकी पत्नी ने उनके खिलाफ 9 मामले दर्ज कराए थे. सुभाष के अपने बेंगलुरु के अपार्टमेंट में मौत को गले लगाने के बाद उनके भाई विकास कुमार ने चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसे बेंगलुरु पुलिस ने एफआईआर में बदल दिया. इस एफआईआर में सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया, उनकी मां निशा सिंघानिया, उनके भाई अनुराग सिंघानिया और उनके चाचा सुशील सिंघानिया का नाम बीएनएस की धारा 108 और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने भी महिलाओं के खिलाफ क्रूरता कानून के दुरुपयोग पर चिंता जाहिर की. Atul Shubhash: अतुल सुभाष कैसे निकिता के टच में कैसे आए? हो गया बड़ा खुलासा, 5 घंटे का बनाया था वीडियो इस बीच, 34 साल के बेंगलुरु के इंजीनियर के लिए न्याय की बढ़ती मांगों के बीच, सुप्रीम कोर्ट ने विवाहित महिलाओं द्वारा अपने स्वार्थ के लिए अपने पतियों और ससुराल वालों को परेशान करने के लिए क्रूरता कानून के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पर चिंता जाहिर की. जस्टिस बीवी नागरत्ना और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि कभी-कभी कानून का कुछ महिलाओं द्वारा अपने पति और उसके परिवार को अपनी अनुचित मांगों को पूरा करने के लिए मजबूर करने के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है. जबकि इसका मूल मकसद महिलाओं की अत्याचारों से रक्षा करना था. Tags: Crime News, Jaunpur City, Jaunpur crime news, Jaunpur newsFIRST PUBLISHED : December 11, 2024, 17:34 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
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