कन्हैया लाल हत्याकांड से पहले 16 जून को हुई थी सीक्रेट मीटिंग यह हुई थी प्लानिंग! पढ़ें उदयपुर केस का लेटेस्ट अपडेट
कन्हैया लाल हत्याकांड से पहले 16 जून को हुई थी सीक्रेट मीटिंग यह हुई थी प्लानिंग! पढ़ें उदयपुर केस का लेटेस्ट अपडेट
Udaipur murder case: बबला ने रियाज और गौस मोहम्मद को भी फंडिंग जुटाने में मदद की थी. बबला ने केवल आर्थिक रूप से खुद सक्षम है बल्कि फंडिंग के लिए उसके अच्छे खासे कॉन्टेक्ट भी सामने आए हैं. अभी तक एनआईए ने हत्या के मुख्य आरोपी रियाज और गौस मोहम्मद के साथ हत्या की साजिश और रेकी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था लेकिन इन दोनों के अलावा आसिफ मोहसिन वसीम व मोहसिन को भी गिरफ्तार किया है.
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने पिछले महीने उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की हत्या के मामले में सातवें आरोपी बबला उर्फ फरहद शेख को गिरफ्तार किया है. इस मामले में अब तक कुल 7 लोग गिरफ्तार किया जा चुका है. बबला नामक इस आरोपी ने कन्हैया लाल की हत्या की साजिश में शामिल था और इसने कन्हैया लाल समेत 6 लोगों की रेकी करवाई थी, जिनकी हत्या का टारगेट तय किया था. बबला उदयपुर के पटेल सर्किल और सवीना इलाके में चिकन की लोरी चलाता है. बबला बदमाशों की गैंग भी चलाता है और उसके गैंग में 50 बदमाश है. उसने अपने गुर्गों से ही रेकी करवाई थी और इससे पहले नुपुर शर्मा मामले में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वालों को बबला और उसके गुर्गे निगरानी रख रहे थे और उनमें से टारगेट तय कर रहे थे. 16 जून को पटेल सर्किल पर एक सीक्रेट मीटिंग हुई थी और इसी मीटिंग में प्लान पर चर्चा हुई थी.
बबला ने कन्हैया की हत्या करने वाले रियाज को वह वीडियो बनाने के लिए कहा था, जिसे हत्या से पहले 17 जून को रियाज ने बनाया था और हत्या के बाद वायरल किया था. वीडियो कैसे बनाना है और कब उसे वायरल करना है यह ‘प्लान बी’ बबला का ही था. एक कारोबारी नितिन जैन के सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर बबला ने उसे धमकी दी थी. जान से मारने की धमकी देने वाला बबला भी दावते इस्लामी से जुड़ा था और वह रियाज से भी लगातार संपर्क में था हत्या से पहले भी रियाज से बात हुई थी. बबला उदयपुर के दीवान शाह इलाके का रहने वाला है और अपने गैंग में उदयपुर के सिलावटवारी, सबीना खांजीपीर और मल्लीतालाई इलाके के युवाओं को शामिल कर रखा है.
कन्हैया मर्डर केस में क्या है बबला का रोल?
बबला ने रियाज और गौस मोहम्मद को भी फंडिंग जुटाने में मदद की थी. बबला ने केवल आर्थिक रूप से खुद सक्षम है बल्कि फंडिंग के लिए उसके अच्छे खासे कॉन्टेक्ट भी सामने आए हैं. अभी तक एनआईए ने हत्या के मुख्य आरोपी रियाज और गौस मोहम्मद के साथ हत्या की साजिश और रेकी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था लेकिन इन दोनों के अलावा आसिफ मोहसिन वसीम व मोहसिन को भी गिरफ्तार किया है. यह सभी हत्या या हत्या की साजिश में शामिल थे. हत्या की साजिश में शामिल एक आरोपी अमजद अब भी फरार है. अमजद की दुकान पर ही आरोपियों ने खून से सने कपड़े बदले थे और अमजद ने ही अपने एक आदमी को भेज कर रियाज की 2611 नंबर वाली बाइक में पेट्रोल भरवाया था.
क्या है मामला
कन्हैया लाल की 28 जून को उनकी दुकान के अंदर तेजधार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई थी. रियाज अख्तरी द्वारा दर्जी पर किए गए भीषण हमले को गौस मोहम्मद ने एक फोन के जरिये रिकॉर्ड किया और वीडियो को ऑनलाइन पोस्ट किया था. दोनों ने बाद में एक वीडियो में कहा था कि उन्होंने इस्लाम के कथित अपमान का बदला लेने के लिए कन्हैया लाल की हत्या कर दी। हत्या के कुछ ही घंटों बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था.
दोनों के खिलाफ सबूत के तौर पर उनके द्वारा तैयार वीडियो है. इसके अलावा, सुरक्षा एजेंसियों ने दो और व्यक्तियों – मोहसिन और आसिफ की पहचान की, जिन्हें बड़े पैमाने पर जनता के बीच आतंक फैलाने की साजिश का जिम्मेदार माना जाता है. दो और आरोपियों-मोहम्मद मोहसिन और वसीम को बाद में आपराधिक साजिश में शामिल होने और दर्जी की दुकान की टोह लेने में दो मुख्य आरोपियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
जांच एजेंसियों ने उनके व्हाट्सऐप अकाउंट पर कई पाकिस्तानी नंबर मिलने का दावा किया है और कहा है कि एक आरोपी धार्मिक गतिविधियों के लिए बनाए गए कुछ गुप्त समूहों का हिस्सा था. आरोप है कि इन समूहों में से एक में इस्लाम के अपमान का बदला लेने के लिए गौस को ‘कुछ बड़ा’ करने के लिए कहा गया था और अधिकारियों का मानना है कि यह एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है जहां दर्जी की बर्बर हत्या की साजिश रची गई. उन्होंने बताया कि मोहसिन के ठिकाने का हत्या में इस्तेमाल चाकू को तेज करने के लिए इस्तेमाल किया गया था और आसिफ ने दर्जी की दुकान की रेकी करने में मदद की थी. एनआईए ने 29 जून को राजस्थान पुलिस से जांच की जिम्मेदारी अपने हाथ में लेने के बाद गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला फिर से दर्ज किया था. मामला शुरू में उदयपुर के धनमंडी थाने में दर्ज किया गया था.
एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा था, ‘एनआईए ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 452, 302, 153 (ए), 153 (बी), 295 (ए) और 34 और यूएपीए, 1967 की धारा 16, 18 और 20 के तहत साजिश रचने, बर्बर हत्या को अंजाम देने के आरोप में मामला फिर से दर्ज किया.’ प्रवक्ता ने कहा था, ‘‘आरोपियों ने देश भर में लोगों के बीच दहशत फैलाने और आतंक फैलाने के लिए हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा करते हुए आपराधिक कृत्य का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में पोस्ट किया था.’
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FIRST PUBLISHED : July 11, 2022, 13:04 IST