यहां नहीं चढ़ता तेल नहीं लगता सिंदूर फिर भी 23 साल से जल रही है अखंड ज्योति
यहां नहीं चढ़ता तेल नहीं लगता सिंदूर फिर भी 23 साल से जल रही है अखंड ज्योति
राजस्थान के बाड़मेर में स्थित दास हनुमान मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के कारण श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है. यहां बजरंगबली को न तो तेल चढ़ाया जाता है और न ही सिंदूर लगाया जाता है. मंदिर में दास भाव और ध्यान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है. वर्ष 2003 में स्थापित इस मंदिर में पिछले 23 वर्षों से अखंड ज्योति निरंतर प्रज्ज्वलित है. जयपुर के सफेद संगमरमर से निर्मित ध्यानमग्न दास हनुमान की दुर्लभ प्रतिमा श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है. मंगलवार, शनिवार और हनुमान जयंती पर यहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं.