टी-90 और टी72: सरहद पर दुश्मन की हर चाल होगी नाकाम लोहे की दीवार बनकर दहाड़ेंगे सेना के ये टैंक

जबलपुर में 472 करोड़ रुपये की लागत वाले टैंक प्रोजेक्ट की आधारशिला रखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना की ताकत और रक्षा क्षेत्र में देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता का जयघोष किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप के बावजूद जमीनी जंग में टी-72 और टी-90 टैंकों का रणनीतिक महत्व कभी कम नहीं हो सकता. ये टैंक देश की सीमाओं पर अभेद्य दीवार बनकर दुश्मनों के हौसले पस्त कर रहे हैं.

टी-90 और टी72: सरहद पर दुश्मन की हर चाल होगी नाकाम लोहे की दीवार बनकर दहाड़ेंगे सेना के ये टैंक