बस बचे थे आखिरी के 30 मीटर दुश्‍मन कर रहा था गोलियों की बौछार फिर बलवान-योगेंद्र ने पलट दी पूरी बाजी

कारगिल युद्ध में टाइगर हिल की लड़ाई भारतीय सेना के साहस, रणनीति और अदम्य हौसले की सबसे बड़ी मिसाल मानी जाती है. टोलोलिंग पर जीत के बाद सेना ने 16,500 फीट ऊंची टाइगर हिल पर कब्जा करने के लिए कई दिशाओं से ऑपरेशन शुरू किया. लेफ्टिनेंट बलवान सिंह, ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव, कैप्टन सचिन निम्बालकर समेत कई जांबाजों ने असाधारण वीरता दिखाई. लगातार आर्टिलरी फायर, कठिन चढ़ाई और आमने-सामने की लड़ाई के बाद भारतीय सेना ने टाइगर हिल पर तिरंगा फहराकर कारगिल युद्ध का रुख बदल दिया था.

बस बचे थे आखिरी के 30 मीटर दुश्‍मन कर रहा था गोलियों की बौछार फिर बलवान-योगेंद्र ने पलट दी पूरी बाजी