लेदर और टेक्सटाइल से नहीं कानपुर की सोडा वाटर फैक्ट्री से शुरू हुई औद्योगिक पहचान 1830 में ब्रिटिशर्स ने रखी थी नींव
लेदर और टेक्सटाइल से नहीं कानपुर की सोडा वाटर फैक्ट्री से शुरू हुई औद्योगिक पहचान 1830 में ब्रिटिशर्स ने रखी थी नींव
कानपुर की औद्योगिक पहचान की शुरुआत किसी कपड़ा मिल या चमड़ा उद्योग से नहीं, बल्कि एक सोडा वाटर फैक्ट्री से हुई थी. उपलब्ध ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 1830 में तत्कालीन कॉनपुर (Cawnpore) में पहली बार एक सोडा वाटर मैन्युफैक्ट्री और डिस्पेंसरी की स्थापना की गई थी. इसे शहर की शुरुआती औद्योगिक इकाइयों में माना जाता है. इसका प्रमाण 9 फरवरी 1830 को प्रकाशित कलकत्ता ईस्ट इंडिया गजट में छपे विज्ञापन से मिलता है, जिसे कानपुर के किसी उद्योग का पहला प्रकाशित विज्ञापन भी माना जाता है.