झांसी का वो इलाका जहां घड़ी नहीं ट्रेन का हॉर्न सुन लोग जान जाते हैं समय जाने पुलिया नंबर 9 की रोचक कहानी
झांसी का वो इलाका जहां घड़ी नहीं ट्रेन का हॉर्न सुन लोग जान जाते हैं समय जाने पुलिया नंबर 9 की रोचक कहानी
जिले का एक इलाका ऐसा भी है, जिसे लोग पुलिया नंबर 9 के नाम से जानते हैं. यहां की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस इलाके के लोगों के लिए समय देखने का सबसे भरोसेमंद तरीका घड़ी नहीं बल्कि ट्रेनों के हॉर्न हैं. सुबह की शुरुआत हो या दोपहर का वक्त, शाम ढल रही हो या रात गहरा रही हो, जैसे ही किसी तय समय पर ट्रेन का हॉर्न सुनाई देता है, लोग बिना घड़ी देखे ही समझ जाते हैं कि कितना समय हुआ होगा. यहां कई परिवार पीढ़ियों से रहते आ रहे हैं और उनके लिए ट्रेनों की आवाज़ रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है.