Success story: साइकिल से किसानों तक पहुंचे गाजीपुर के प्रो वशिष्ठ यति हजारों छात्रों को बनाया वैज्ञानिक जानें प्रेरक कहानी

गांव में प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने कानपुर कृषि विश्वविद्यालय से एमएससी (हॉर्टिकल्चर) की पढ़ाई पूरी की. वर्ष 1983 में पीजी कॉलेज गाजीपुर में लेक्चरर बने और 2021 में डीन पद से सेवानिवृत्त हुए. उन्होंने बताया कि शुरुआती वर्षों में उन्हें हॉर्टिकल्चर के साथ मृदा विज्ञान भी पढ़ाना पड़ा. 1988 तक दोनों विषय पढ़ाने के बाद पूरी तरह उद्यान विज्ञान पर ध्यान केंद्रित किया. वर्ष 2004 में कृषि संकाय के विभागाध्यक्ष बनाए गए.

Success story: साइकिल से किसानों तक पहुंचे गाजीपुर के प्रो वशिष्ठ यति हजारों छात्रों को बनाया वैज्ञानिक जानें प्रेरक कहानी