तप संयम और आस्था का प्रतीक है कांवड़ जलाभिषेक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान कांवड़ियों से धर्माचार्य ने की अपील

Bareilly news: पंडित सुशील पाठक ने लोकल 18 के माध्यम से कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि तप, संयम और आस्था का प्रतीक है. उन्होंने कांवड़ यात्रियों से आग्रह किया कि यात्रा के दौरान डीजे पर अश्लील या फूहड़ गीत न बजाएं, किसी भी प्रकार का नशा न करें और भगवान के स्वरूपों को नचाने के बजाय उन्हें सम्मानपूर्वक सिंहासन पर स्थापित करें. उन्होंने कहा कि जितनी अधिक पवित्रता और श्रद्धा के साथ कांवड़ यात्रा पूरी की जाएगी. उतना ही अधिक उसका आध्यात्मिक फल प्राप्त होगा.

तप संयम और आस्था का प्रतीक है कांवड़ जलाभिषेक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान कांवड़ियों से धर्माचार्य ने की अपील