प्राकृतिक खेती अपना कर किसान कम लागत में प्राप्त कर सकते हैं दोगुनी पैदावार जाने गौ आधारित कृषि का तरीका
प्राकृतिक खेती के एक्सपर्ट राजेश पांडे बताते हैं कि प्राकृतिक खेती एक संतुलित खेती कहलाती है. जो नेचर के साथ और नेचर की दी हुई चीजों से ही की जाती है. इस खेती में इस्तेमाल होने वाली सारी वस्तुएं प्राकृतिक आधार पर उपलब्ध होनी चाहिए. खाद से लेकर बीज तक सब कुछ प्राकृतिक आधार पर तैयार होना चाहिए. प्राकृतिक खेती के लिए पशुपालन और जैविक विविधता के हिसाब से खेती करनी होती है. राजेश पांडे बताते हैं कि किसान फसल उत्पादन से लेकर खेत की सुरक्षा करने तक के लिए प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं.