हमारे बच्चे दलित के हाथ का खाना नहीं खाएंगे: दलित महिला बनी रसोइया तो गांव ने आंगनवाड़ी पर जड़ दिया ताला
प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस कप्तानों ने ग्रामीणों के साथ कई दौर की विधिक और कूटनीतिक बैठकें कीं. अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का कड़ा प्रयास किया कि कानूनन जाति के आधार पर किसी का विरोध करना एक गंभीर अपराध है. प्रशासन की इन तमाम बार-बार की कोशिशों और मान-मनौव्वल के बावजूद ग्रामीण अपनी रूढ़िवादी जिद पर अड़े रहे.