सावन माह में भूलकर भी न करें ये 8 काम वरना झेलना पड़ेगा भयंकर संकट
सावन माह में भूलकर भी न करें ये 8 काम वरना झेलना पड़ेगा भयंकर संकट
हिंदू पंचांग के अनुसार सावन की शुरुआत 22 जुलाई से शुरू हो रही है और इसका समापन 19 अगस्त को होगा. ऐसी स्थिति में सावन में कुछ विशेष कार्य करने से बचना चाहिए. तो चलिए आज हम आपको इस रिपोर्ट में बताते हैं कि सावन के महीने में कौन से कार्यों को नहीं करना चाहिए.
अयोध्या: शिव भक्तों इंतजार अब समाप्त होने वाला है क्योंकि सावन का माह जल्द शुरू होने वाला है. धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन का महीना भगवान शंकर को प्रिय माना जाता है. ऐसे में सावन के प्रत्येक सोमवार का महत्व और बढ़ जाता है. कई लोग भगवान भोले को प्रसन्न करने के लिए अनेक प्रकार के उपाय भी करते हैं और प्रत्येक सोमवार को व्रत भी करते हैं . हिंदू पंचांग के अनुसार सावन की शुरुआत 22 जुलाई से शुरू हो रही है और इसका समापन 19 अगस्त को होगा. ऐसी स्थिति में सावन में कुछ विशेष कार्य करने से बचना चाहिए. तो चलिए आज हम आपको इस रिपोर्ट में बताते हैं कि सावन के महीने में कौन से कार्यों को नहीं करना चाहिए.
दरअसल अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि 22 जुलाई दिन सोमवार से सावन माह की शुरुआत हो रही है और इसका समापन 19 अगस्त को होगा. सावन महीने के दौरान भक्तगण भगवान शिव का जलाभिषेक, दुधाभिषेक करके उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं. वहीं मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, पूजन से हर शिवालय भोलेभंडारी के जयकारों से गूंज उठता है. सावन में शिव की पूजा के दौरान कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी है. कहा जाता है कि इन नियमों का पालन करने से ही शिव भक्ति का पूरा फल मिलता है
पंडित कल्कि राम बताते हैं कि सावन में सात्विक भोजन का सेवन करना चाहिए. व्रत करने वाले साधक को अधिक से अधिक तरल पदार्थ जैसे जांच नारियल पानी नींबू पानी आदि का सेवन करना चाहिए. इसके साथ ही व्रत में केवल फलों का ही सेवन करें. सावन में तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए इस दौरान केवल सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए ऐसा करने से महादेव की विशेष कृपा आपके परिवार के ऊपर बनी रहती है
⦁ सावन में सोमवार का व्रत करने से पहले प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए उसके बाद भगवान शंकर माता पार्वती की पूजा आराधना करनी चाहिए पूरे दिन ब्रह्मचार का पालन करना चाहिए इन सभी बातों का ध्यान रखते हुए व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है.
⦁ सावन में भूलकर भी मांस, शराब का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से भगवान शिव की पूजा का फल नहीं मिलता है.
⦁ श्रावण माह के दौरान लहसुन और प्याज खाना भी वर्जित माना जाता है. साथ ही बैंगन का भी सेवन करने से बचें क्योंकि सावन में इसका सेवन अशुभ माना जाता है.
⦁ कहा जाता है कि सावन के महीने में व्रत रखने वाले लोगों को बिस्तर पर नहीं बल्कि जमीन पर सोना चाहिए. इसके अलावा दिन में सोने से भी बचना चाहिए. व्रत रखने वाले लोग केवल एक समय ही सोएं और बाकी समय शिव भक्ति में व्यतीत करें.
⦁ सावन में दूध का भी सेवन नहीं करना चाहिए. क्योंकि इस पूरे माह तक शिवलिंग पर दूध चढ़ाया जाता है। वहीं इस दौरान कांसे के बर्तन में भोजन न करें.
⦁ सावन माह में कभी भी भगवान शंकर की परिक्रमा नहीं करनी चाहिए, और ना ही सोमवार के दिन बेलपत्र तोड़ना चाहिए.
⦁ स्टील अथवा तांबे के लोटे में जल नहीं अर्पित करना चाहिए इसके लिए पीतल के लोटे का इस्तेमाल करना चाहिए.
⦁ भगवान शंकर को तुलसी के पत्ते और सिंदूर चढ़ाने से भी बचना चाहिए .
Tags: Ayodhya News, Dharma Aastha, Local18, Religion 18, Uttar Pradesh News HindiFIRST PUBLISHED : July 6, 2024, 13:09 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ेंDisclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है. Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed