NDA गोल्ड मेडलिस्ट पिता की सेवा देख IIT का सपना छोड़कर चुना Army

NDA Topper Story: पिता के लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब उनका बेटा उनके प्रोफेशन को चुनकर नाम रोशन कर रहा हो. एक ऐसे ही शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो पिता की सेवा को देखकर IIT में जाने का सपना छोड़ भारतीय सेना को चुना है.

NDA गोल्ड मेडलिस्ट पिता की सेवा देख IIT का सपना छोड़कर चुना Army
NDA Story: किसी पिता के लिए उससे बड़ी कोई खुशी नहीं हो सकती है कि उनका बेटा उनके ही प्रोफेशन को चुनकर अपना नाम रोशन कर रहा हो. ऐसे ही एक शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके पिता सुल्तान सिंह सेना के 11 राजपुताना में 17 वर्षों तक सेवा करने के बाद लीवर कैंसर से पीड़ित हुए और भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधा प्राप्त की. इन्हीं सब को देखते हुए उन्होंने भी सेना में जाने का फैसला किया और NDA में शामिल हो गए. हम जिनकी बात कर रहे हैं, उनका नाम अंकित चौधरी (Cadet Ankit Chaudhary) है. NDA में मिला गोल्ड मेडल कैडेट अंकित चौधरी ने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के 147वें कोर्स के राष्ट्रपति स्वर्ण पदक विजेता रहे हैं. वह राजस्थान के सीकर जिले के बरसिंहपुरा गांव के निवासी हैं. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सीकर के सेंट मैरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की. उनकी मां सरोजदेवी एक सरकारी टीचर हैं. उन्होंने उनके और उनके छोटे भाई अंशु को प्रेरित किया. सरोजदेवी बताती हैं कि पति की मृत्यु के बाद मेरा एकमात्र उद्देश्य अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना था. आज मेरे दोनों बेटे मुझे गौरवान्वित कर रहे हैं. JEE को छोड़ चुना सेना की नौकरी NDA कैडेट अंकित (Cadet Ankit Chaudhary) ने जेईई मेन परीक्षा पास की थी, लेकिन जेईई-एडवांस्ड परीक्षा और एनडीए के सेवा चयन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू एक ही दिन होने के कारण उन्हें अपने करियर का महत्वपूर्ण फैसला लेना पड़ा. वह कहते हैं कि उन्होंने अपने दोस्तों के साथ एनडीए की परीक्षा दी थी, लेकिन जब दोनों अवसर एक ही दिन आए, तो मैंने अपने दिल की सुनी और सेना में सेवा का रास्ता चुना. AIIMS से भाई कर रहा है MBBS की पढ़ाई अंकित ने राष्ट्रपति स्वर्ण पदक प्राप्त कर अपने कोर्स की परेड की कमान संभालने का सम्मान हासिल किया. उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे गर्वपूर्ण क्षण बताया है. यह उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है, और जिसे वह हमेशा संजो कर रखना चाहते हैं. अंकित के छोटे भाई अंशु, जो एम्स में मेडिकल डिग्री की पढ़ाई कर रहे हैं, और उनकी मां सरोजदेवी दोनों ने अंकित की उपलब्धि को गर्व का क्षण बताया है. सरोजदेवी ने आंसुओं के साथ कहा कि मेरे बेटों ने मेरी उम्मीदों से बढ़कर प्रदर्शन किया है. ये भी पढ़ें… AAI में नौकरी पाने का शानदार मौका, नहीं देनी होगी लिखित परीक्षा, बेहतरीन होगी मंथली सैलरी Tags: Iit, Indian army, Indian Army news, Jee main, Success StoryFIRST PUBLISHED : December 1, 2024, 13:55 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed