5 साल में 34 दुर्घटनाएं 19 हादसे मानवीय भूल के चलते क्या कर रही IAF
5 साल में 34 दुर्घटनाएं 19 हादसे मानवीय भूल के चलते क्या कर रही IAF
Indian air force news: भारतीय वायुसेना टू फ्रंट वॉर के लिए खुद को हमेशा तैयार रखती है. साल भर अपनी फ्लाइंग को धार देती रहती है. हजारों घंटे की उड़ान एक साल में की जाती है. हर विमान को उड़ाने से पहले सभी चेक को पूरा किया जाता है. बावजूद उसके दुर्घटनाए होती. पिछले कुछ सालों में हुई दुर्घटना से सीख लेते हुए दुर्घटाओं में हादसों की दर को कम किया गया है.
Indian air force crash: 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर में एयर फोर्स का एक Mi-17v5 हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया. इस हैलिकॉप्टर में देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और उनके साथ 12 अन्य लोग सवार थे. इस हादसे में सभी 14 लोग मारे गए थे. ये क्रैश ह्यूमन एरर के चलते हुआ. 2017-18 से 2021-22 के पांच साल में भारतीय वायुसेना में 34 क्रैश हुए. इनमें हैलिकॉप्टर, फाइटर जेट और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी शामिल है. चौंकाने वाली बात तो यह है कि इन 34 क्रैश में से 19 ह्यूमन एरर की वजह से है. मतलब मानवीय चूक और यह एक बड़ी चुनौती है. संसद की डिफेंस स्टैंडिंग कमेंटी की रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है. भारतीय वायुसेना में हादसें भारतीय सेना की ट्रेनिंग सबसे अव्वल दर्जे की होती है. इसमें कोई शक नहीं कि दुनिया के सबसे बेहतरीन पायलटों में भारत वायुसेना के पायलट आते हैं. एयरक्राफ्ट उड़ता है तो अलग अलग कारणों के चलते दुर्घटनाग्रस्त भी होता है. वायुसेना में इन कारणों को इस तरह से बांटा गया है. HE(A) यानी ह्यूमन एरर एयरक्रू , TD यानी टेक्निकल डिफेक्ट, BS बर्ड स्ट्राइक, FOD फॉरन ऑब्जेक्ट डिफेक्ट , HE(S) ह्यूमन एरर सर्विसेज. बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी वायुसेना के अटैक को रोकने के लिए भारतीय वायुसेना का मिग 21 बाइसन ने उड़ान भरी थी. इसे विंग कमांडर अभिनंदन उड़ा रहे थे. वो क्रैश हुआ तो ठीक उसी समय श्रीनगर में एयर डिफेंस सिस्टम ने Mi-17 हैलिकॉप्टर को हिट किया. इस तरह क्रैश को दुर्घटना में नहीं गिना जाता. 5 साल के आंकड़े लगातर होने वाले हादसों को रोकने के लिए वायुसेना ने कई तरह के कदम उठाए. काफी हद तक इसमें सफलता भी पाई है. खास तौर पर हैलिकॉप्टर हादसों में. संसद में पेश की गई रिपोर्ट में इस बात का भी ज़िक्र है. खास तौर पर हैलिकॉप्टर क्रैश में जो आंकडे दिए हैं साल 2017-18 में 8 , 2018-19 में 11, 2019-20 में 3, 2020-21 में 3 और 2021-22 में 9 दुर्घटनाएँ भारतीय वायुसेना में हुई. इनमें कुल 20 फाइटर, 7 हैलिकॉप्टर, 6 ट्रेनर एयरक्राफ्ट और 1 ट्रांसपोर्टर विमान है. फाइटर हादसों में सबसे ज्यादा 9 मिग 21 क्रैश है, जिसमें 3 ह्यूमन एरर के हुई बाकी तकनीकी ख़राबी और अन्य वजह से हुई. हैलिकॉप्टर किल हादसे 7 हुए जिनमें 6 ह्ययूमन एरर के चलते हुऐ. हादसों में आई कमी रक्षा मंत्रालय ने संसद में यह बताया कि 2017 से 2022 तक कुल 34 जांचें की गई. इन जांचों के आधार पर कई सुधारात्मक उपाय किए गए हैं. मंत्रालय ने यह भी बताया कि क्रैश के मामलों में सुधार हुआ है. दुर्घटनाओं की दर कम हुई है. वायुसेना में हादसों के प्रतिशत को 10 हजार घंटे की फ्लाइंग में दुर्घटना की संख्या से निकाला जाता है. साल 2000 से 2005 में जो एक्सिडेंट रेट 0.93 था वह साल 2017 से 2022 में घट कर 0.27 पर आ गया. साल 2020 से 2024 के बीच तो यह 0.20 हो गया. यह रिपोर्ट इस बात का संकेत देती है कि वायुसेना दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लगातार सुधारों पर काम किया है.
Tags: Indian air forceFIRST PUBLISHED : December 20, 2024, 14:33 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed