सीवेज टैंक में जहरीली गैस ही नहीं ऑक्सीजन की कमी से मरते हैं मजदूर 2023 में सख्त हुआ कानून-सजा का प्रावधान

सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाएं लंबे समय से सामाजिक और मानवाधिकार का मुद्दा रही हैं. तकनीक के विकास के बावजूद आज भी कई जगहों पर लोगों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के सीवर और सेप्टिक टैंक में उतरकर सफाई कराई जाती है. हर साल इस दौरान जहरीली गैसों के कारण कई सफाईकर्मियों की मौत हो जाती है. इन घटनाओं को रोकने और सफाईकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने सख्त कानून बनाए हैं. मैनुअल सीवेज क्लीनिंग से जुड़ा कानून न केवल इस अमानवीय व्यवस्था पर रोक लगाता है, बल्कि प्रभावित लोगों के पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन की भी व्यवस्था करता है.

सीवेज टैंक में जहरीली गैस ही नहीं ऑक्सीजन की कमी से मरते हैं मजदूर 2023 में सख्त हुआ कानून-सजा का प्रावधान