गोबर नीम और किचन वेस्ट से बदली किस्मत! रांची की सावित्री ने खड़ा कर दिया सफल बिजनेस

रांची के बेड़ों गांव की सावित्री खजूर ने मजदूरी छोड़कर जैविक खेती और नर्सरी के जरिए आत्मनिर्भर बनने की मिसाल पेश की है. उन्होंने प्रशिक्षण लेकर ब्रह्मास्त्र, नीमस्त्र और अग्निअस्त्र जैसी जैविक दवाएं बनाना शुरू किया और महोगनी, आम, जामुन समेत कई पौधों की नर्सरी तैयार की. आज वे अपने ब्रांड नाम से जैविक उत्पाद बेचती हैं और हर महीने 50 हजार रुपये से अधिक की कमाई कर रही हैं. सावित्री का कहना है कि सही प्रशिक्षण, मेहनत और आधुनिक तकनीक अपनाकर छोटे किसान भी कम जमीन में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

गोबर नीम और किचन वेस्ट से बदली किस्मत! रांची की सावित्री ने खड़ा कर दिया सफल बिजनेस