नागरिकों का हित सबसे पहले है न कि ठेकेदार का! दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी को दिल्ली हाईकोर्ट की दो टूक
नागरिकों का हित सबसे पहले है न कि ठेकेदार का! दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी को दिल्ली हाईकोर्ट की दो टूक
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे निर्माण मामले में दायर की गई याचिका पर दिल्ली-हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि नागरिकों का हित सबसे पहले है, न कि किसी ठेकेदार का. नागरिकों को स्मूद और मुक्त आवागमन से वंचित नहीं किया जा सकता है. इतना ही नहीं कोर्ट ने एनएचएआई को नया ठेका देने और एक्सप्रेसवे निर्माण में देरी रोकने की अनुमति दी है.