20 लाख तक बिकती हैं मूर्तियां GI टैग ने बदल दी बिहार के इस गांव की किस्मत
जीआई टैग मिलने से पत्थरकट्टी की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी, साथ ही स्थानीय शिल्पकारों की आय बढ़ने की भी संभावना है. पत्थरकट्टी की मूर्तियां पहले से ही अपनी उत्कृष्ट कला और गुणवत्ता के कारण देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं.