7 पीढ़ियों तक विदेशों में गूंजा राजस्थान की कठपुतली कला का नाम आज पेट भरने के लिए संघर्ष कर रहे कलाकार

Kathputli Kala Rajasthan: राजस्थान की प्रसिद्ध कठपुतली कला सदियों से राज्य की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है. कई परिवारों ने पीढ़ी दर पीढ़ी इस लोककला को जीवित रखा और देश-विदेश के मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. ऐसे ही एक परिवार की सात पीढ़ियां कठपुतली कला से जुड़ी रही हैं. इन कलाकारों ने भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी राजस्थान की लोक संस्कृति का गौरव बढ़ाया है. हालांकि बदलते समय, आधुनिक मनोरंजन के साधनों और घटते अवसरों के कारण आज इन कलाकारों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है. कभी हजारों दर्शकों को आकर्षित करने वाली यह कला अब अस्तित्व के संकट से जूझ रही है. पर्याप्त मंच और सरकारी सहयोग नहीं मिलने से कलाकारों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना भी कठिन हो गया है.

7 पीढ़ियों तक विदेशों में गूंजा राजस्थान की कठपुतली कला का नाम आज पेट भरने के लिए संघर्ष कर रहे कलाकार