लड़की है क्या कर पाएगी 13 साल में चलाई गोली 21 की उम्र में वर्दी पहन बादलों को चीर आसमान में भर रही उड़ान
लड़की है क्या कर पाएगी 13 साल में चलाई गोली 21 की उम्र में वर्दी पहन बादलों को चीर आसमान में भर रही उड़ान
दिल्ली की नूपुर जैन ने भेदभाव के बावजूद अपने सपनों को चुना और मिसाल कायम की. बचपन में लड़का-लड़की के फर्क को देखकर उन्होंने स्कूल में ही एनसीसी जॉइन किया. एनसीसी ने उनमें अनुशासन, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास जगाया. 13 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार फायरिंग कैंप में असली बंदूक चलाई. मात्र 21 साल में इंडियन एयर फोर्स जॉइन कर वे स्क्वाड्रन लीडर बनीं. जो लोग कभी ताने देते थे, वही आज उनका सम्मान करते हैं. नूपुर की कहानी साहस, मेहनत और आत्मविश्वास की प्रेरक मिसाल है.