किसान भाई इस विधि से करें तोरई की खेती छप्परफाड़ होगा मुनाफा जानें सबकुछ

अनुभवी युवा किसान विवेक गोस्वामी ने बताया कि बरसात के मौसम में सावधानी बहुत जरूरी है. तोरई, लौकी, करेला और अन्य बेल वाली फसलों को कभी भी जमीन पर नहीं फैलने देना चाहिए. इसके बजाय बांस, खूंटे, तार और रस्सी की मदद से एक मजबूत मचान तैयार करना चाहिए. मचान पर बेलों को चढ़ाने से फल और पौधे सीधे जमीन और पानी के संपर्क में नहीं आते. इससे उनकी गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है और बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं.

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