मेरठः माता-पिता का छूटा साथ तो बहन और जीजा बने सहारा प्रेरणादायक है गोल्ड मेडलिस्ट श्रेया की कहानी

श्रेया सिंह ने बताया कि जब वह हाई स्कूल में थी. तब उनकी मां और जब वह इंटर में आई तो पिता की मौत हो गई. इससे उन पर दुखों का पहाड़ टूट गया. क्योंकि बड़ी बहन की शादी हो गई थी. लेकिन इस विपरीत परिस्थिति में उनकी बहन व जीजा शिवम चौहान उनके लिए फरिश्ता बनकर आए. उन्होंने कहा कि जब माता-पिता दोनों का ही साथ छूट गया था. तब उन्हें भी उम्मीद नहीं थी, वह बेहतर शिक्षा हासिल करेंगी. लेकिन जब उनकी बहन और जीजा ने अभिभावक की तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. तो उन्होंने भी ठान ली थी कि वह दोनों का नाम रोशन करेंगी. साथ ही उनके माता-पिता का भी सपना यही था कि वह खूब तरक्की करें.

मेरठः माता-पिता का छूटा साथ तो बहन और जीजा बने सहारा प्रेरणादायक है गोल्ड मेडलिस्ट श्रेया की कहानी