दोपहर 230 बजे 35 हजार किलो विस्फोटक से गिरेंगे टावर जानें पूरा प्लान

एडिफिस के इंजीनियरों के मुताबिक दो अगस्त से पहले ट्विन टावर (Twin Tower) के आसपास सीसीटीवी (CCTV) लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा. सीसीटीवी की निगरानी में ही टावर के अंदर विस्फोटक (Explosive) लगाए जाएंगे. दो अगस्त के बाद कंपनी के इंजीनियरों (Engineer) के अलावा किसी और को टावर के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी. सीसीटीवी की मदद से टावर के चारों तरफ निगरानी रखी जाएगी. मलबे को रोकने के लिए कंटेनर्स से बनने वाली दीवार की ऊंचाई बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है.

दोपहर 230 बजे 35 हजार किलो विस्फोटक से गिरेंगे टावर जानें पूरा प्लान
नोएडा. एक बार फिर एडिफिस कंपनी ने विस्फोट संबंधी अपना प्लान मंगलवार को हुई बैठक में रखा. सेक्टर-93ए, नोएडा में सुपरटेक (Supertech) के ट्विन टावर को गिराने के वक्त और उसमे इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक (Explosive) की मात्रा पर भी आखिरी मुहर लग चुकी है. टावर में 99 फीसद काम पूरा हो चुका है. टावर के पिलर में वी शेप के होल करने का काम भी पूरा हो चुका है. 21 अगस्त को दोपहर 2.30 बजे ट्विन टावर (Twin Tower) में विस्फोट कर उसे गिरा दिया जाएगा. दोनों टावर को गिराने के लिए कुल 3.5 हजार किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया जाएगा. ज्यादातर विस्फोटक बल्लभगढ़ (Ballabhgarh) में आ चुका है. दो अगस्त से टावर में विस्फोटक लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा. 150 की दूरी से टावर में विस्फोट किया जाएगा. बिल्डिंग गिराने के लिए ऐसे लगाया जाता है विस्फोटक विस्फोटक भरे जाते हैं. कॉलम और बीम को वी शेप में काटा जाता है. फिर उसके अंदर विस्फोटक की छड़ रख दी जाती है. विस्फोटक ग्राउंड फ्लोर से लेकर 1 और 2 फ्लोर तक तो लगातार विस्फोटक रखा जाता है. लेकिन उसके बाद 4-4 फ्लोर का गैप देकर जैसे दूसरे के बाद 6 पर और 6 क बाद 10, 14, 18 और 22वें जानकारों की मानें तो किसी भी हाईराइज बिल्डिंग को गिराने के लिए उसके कॉलम और बीम में फ्लोर पर विस्फोटक भरा जाएगा. सूत्रों की मानें तो इसके लिए पूरी बिल्डिंग में करीब 7 हजार छेद किए जाएंगे. विस्फोटक लगाने के दौरान ऐसी रहेगी सुरक्षा सुपरटेक ट्विन टावर में विस्फोटक लगाने के दौरान सिर्फ तकनीशियनों को ही जाने की अनुमति होगी. इसके अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं होगी. दोनों टावर में करीब 15से 17 दिन तक विस्फोटक लगाने का काम चलेगा. इस दौरान दोनों टावर की सुरक्षा स्थानीय पुलिस के हवाले रहेगी. टावर गिराने में कुल 3.5 हजार किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया जाएगा. टावर में हर रोज सिर्फ उतना ही विस्फोटक लाया जाएगा जितना एक दिन में लगाया जा सके. बाकी के स्टाक को टावर से अच्छी खासी दूरी पर रखा जाएगा. ग्रेटर नोएडा में फिर से शुरू हुआ गंगाजल लाइन का काम, जानें कब से मिलेगा ट्विन टावर गिराने से पहले किए गए हैं यह 6 बड़े काम ट्विन टावर के आसपास मौजूद कुछ टावर्स का 100 करोड़ रुपये का बीमा कराया गया है. ट्विन टावर और अन्य टावर्स के बीच कंटेनर की दीवार बनाई जाएगी, जिससे मलबा उन पर न गिरे. जीओ फाइबर क्लाथ का जाल लगाया जाएगा. इससे तेज आवाज और धूल दूसरे टावर्स तक नहीं जाएगी. आसपास के टावर्स की वाइब्रेशन क्षमता और विस्फोट के वाइब्रेशन की जांच की गई है. धूल के गुबार से बचाने के लिए फायर टेंडर और दूसरे तरीकों से पानी छिड़कने में मदद ली जा सकती है. 21 अगस्त को विस्फोट वाले दिन एमरॉल्ड टावर के साथ ही पार्किंग भी खाली कराई जाएंगी. ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें up24x7news.com हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट up24x7news.com हिंदी | Tags: Explosion, Noida news, Supertech twin towerFIRST PUBLISHED : July 20, 2022, 10:48 IST