ब्रेन के मरीजों को इलाज के लिए नहीं जाना होगा दिल्ली-मुंबई कानपुर के मेडिकल कॉलेज में जल्द शुरू होगी एंडोवैस्कुलर तकनीक

Kanpur news: कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल के प्रभारी डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि इलाज शुरू करने से पहले मरीज की डिजिटल सब्सट्रैक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) की जाएगी. इस जांच से यह पता लगाया जाएगा कि मस्तिष्क का कौन-सा हिस्सा प्रभावित है और नसों में कहां समस्या है. इसके बाद शरीर में सिर्फ एक छोटा-सा छेद करके एक पतली कैथेटर नसों के रास्ते सीधे ब्रेन तक पहुंचाई जाएगी.जहां खून का थक्का या ब्लॉकेज होगा, उसे हटाया जाएगा. यदि किसी नस की दीवार कमजोर होगी तो वहां टाइटेनियम समेत विशेष धातु से बनी कॉइल लगाकर उसे सुरक्षित किया जाएगा.

ब्रेन के मरीजों को इलाज के लिए नहीं जाना होगा दिल्ली-मुंबई कानपुर के मेडिकल कॉलेज में जल्द शुरू होगी एंडोवैस्कुलर तकनीक