जैविक खेती में लागत बढ़ने से किसान मुन्नालाल ने अपनाई प्राकृतिक खेती कम बजट में ज्यादा मुनाफा जाने दोनो में अंतर

बहराइच जिले के छोटे से गांव चिलवरिया में रहने वाले किसान मुन्नालाल वर्मा पहले जब जैविक खेती की शुरुआत हुई थी, तो इन्होंने  भी इसे अपनाया और शुरू में तो सब ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे उसमें बाहर से महँगी जैविक खादें और कीटनाशक खरीदने पड़े, जिससे लागत बहुत लगने लगी. तब मन उससे हटने लगा, और फिर जानकारी मिली प्राकृतिक खेती की इसमें खर्च न के बराबर क्योंकि घर की गाय के गोबर-गोमूत्र से ही सारा काम हो जाता है.

जैविक खेती में लागत बढ़ने से किसान मुन्नालाल ने अपनाई प्राकृतिक खेती कम बजट में ज्यादा मुनाफा जाने दोनो में अंतर