अमेठी में चाइनीज नहीं इको फ्रेंडली राखी भाईयों की कलाई पर बांधेंगी बहनें समूह की महिलाएं कर रही हैं तैयार
अमेठी में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इको-फ्रेंडली राखियां बना रही हैं. इससे उन्हें रोजगार मिल रहा है और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं. रक्षाबंधन का त्योहार बहनों और भाइयों का खास त्योहार माना जाता है. ऐसे में हर बार रक्षाबंधन को लेकर बहाने उत्साहित होती हैं कि उन्हें अपने भाइयों को राखी बांधकर उनसे अपनी रक्षा सूत्र का उपहार लेना है. ऐसे में अब चाइनीस राखी नहीं बल्कि इको फ्रेंडली राखी भाइयों के कलाइयों की शोभा बढ़ाएगी.