Opinion: आतंकवाद के मुद्दे पर पीएम मोदी की रणनीति से पाकिस्तान हुआ अलग-थलग 

पाकिस्तान की आतंकी साजिशों को पीएम मोदी समय-समय पर विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचो और विश्व भर के प्रमुख नेताओं के साथ बातचीत के दौरान प्रमुखता से उठाते रहे हैं. पीएम मोदी के इन सतत प्रयासों के फलस्वरुप ही दुनिया भर में आज इस बात को लेकर विश्वास पुख्ता हुआ है कि पाकिस्तान की आतंकी साजिशों को रोकना जल्द जरूरी है.

Opinion: आतंकवाद के मुद्दे पर पीएम मोदी की रणनीति से पाकिस्तान हुआ अलग-थलग 
आतंकवाद का मुद्दा एक वैश्विक समस्या बन कर उभरा है और इसमें आतंकवाद को समर्थन, सहयोग और प्रोत्साहन देने वाले देश दुनिया भर के लिए समस्या बने हुए हैं. भारत का निकट पड़ोसी पाकिस्तान इन देशों में से एक हैं. कश्मीर को जबरदस्ती पाकिस्तान में मिलाने में नाकामयाब होने के बाद उसने आतंकवाद का सहारा लिया और जम्मू-कश्मीर में सालों से आंतकवाद को सहारा दे रहा है. पाकिस्तान ना सिर्फ भारत अफगानिस्तान सहित कई देशों के लिए भी भी नासूर बना हुआ है. पाकिस्तान का आतंकवाद को समर्थन अफगानिस्तान के लिए बना नासूर पाकिस्तान लंबे समय तक अफगानिस्तान में एक ऐसी सरकार चाहता था जो सारे फैसले उससे पूछ कर ले. हर फैसला लेने से पहले पाकिस्तान सरकार का मुंह ताके लेकिन तालिबान के सत्ता संभालते साथ ही पाकिस्तान सरकार ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए. हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय दवाब का सामना कर रहे पाकिस्तान ने एक शातिर चाल चली। पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलाबल भुट्टो ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के अफगानिस्तान में होने जानकारी देते हुए उसे तालिबान सरकार से पकड़ने के लिए कहा. पाकिस्तान सरकार के इस कदम पर पलटवार करते हुए तालिबान सरकार ने अपनी सरजमीं पर मसूद अजहर की मौजूदगी से इंकार कर पाकिस्तान को दुनिया भर के सामने बेनकाब कर दिया कुख्यात मसूद अजहर 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड है और पाकिस्तान सरकार की सरपरस्ती में सालों से भारत में कई आतंकी साजिशों को अंजाम देने में लगा हुआ है. 19 अक्टूबर को एनआईए ने सुजंवा जम्मू मे हुए आतंकी हमले की चार्जशीट जम्मू की टाडा कोर्ट मे दाखिल करते समय खुलासा किया कि जैश ए मुहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर इसमे मुख्य साजिशकर्ता था. ये हमला PM मोदी के दौरे पर होना था लेकिन 22 अप्रैल को ही इनपुट मिलने के बाद इस हमले को नाकाम किया गया. पाकिस्तान की शह पर चीन कई बार UN और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर आतंकवादियो के खिलाफ कार्यवाई पर रोक लगाता रहा है. पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर बेनकाब करते रहे हैं पीएम मोदी पाकिस्तान की आतंकी साजिशों को पीएम मोदी समय-समय पर विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचो और विश्व भर के प्रमुख नेताओं के साथ बातचीत के दौरान प्रमुखता से उठाते रहे हैं. पीएम मोदी के इन सतत प्रयासों के फलस्वरुप ही दुनिया भर में आज इस बात को लेकर विश्वास पुख्ता हुआ है कि पाकिस्तान की आतंकी साजिशों को रोकना जल्द जरूरी है. हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पाकिस्तान में एटमी हथियारों को भंडारण को लेकर उसे दुनिया का सबसे खतरनाक देश बताते हुए कहा था कि पाकिस्तान में सेना और सरकार के बीच तालमेल नहीं है. इस बयान के कुछ ही दिनों के भीतर अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने एक अहम बयान में पाकिस्तान को घेरते हुए कहा कि पाकिस्तान अपनी धरती पर मौजूद हर आतंकी संगठन और हर आतंकी पर कार्यवाही करे. अमेरिका ने कहा कि उसने शहबाज शरीफ सरकार को कड़े शब्दों में बताया है कि पाकिस्तान को आंतकियो के हर ठिकाने पर कार्यवाई करनी चाहिए। हाल ही में दिल्ली में आयोजित इंटरपोल महासभा को संबोधित करते हुए PM मोदी ने आतंकवाद के खतरे से निपटने को दुनिया को साथ आना चाहिए. पीएम मोदी ने कहा कि जब खतरे ग्लोबल हों तो प्रतिक्रिया लोकल नहीं हो सकती. आतंकवाद, ड्रग कार्टेल, अवैध शिकार करने वाले गिरोहों या संगठित अपराधों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं होना चाहिए. यह उचित समय है कि दुनिया को इन खतरों को हराने के लिए एक साथ आना चाहिए. एक सेफ और सिक्योर दुनिया हमारी साझा जिम्मेदारी है. जब अच्छी ताकतें सहयोग करती हैं, तो अपराध की ताकतें काम नहीं कर सकती हैं. आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरने की पीएम मोदी की रणनीति आज दुनिया भर में सफल होती जा रही है और पूरा विश्व पाकिस्तान की आतंकी साजिशों से रुबरू हो रहा है. (डिस्‍क्‍लेमर- ये लेखक के निजी विचार हैं.) ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें up24x7news.com हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट up24x7news.com हिंदी| Tags: Opinion, PM ModiFIRST PUBLISHED : October 21, 2022, 15:47 IST