निक्षय एक नेक पहल- योजना के तहत 1000 लोगों ने टीबी मरीजों को गोद लिया आप भी ऐसे दे सकते हैं योगदान
निक्षय एक नेक पहल- योजना के तहत 1000 लोगों ने टीबी मरीजों को गोद लिया आप भी ऐसे दे सकते हैं योगदान
TB Elimination Programme:टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत केंद्र ने एक नया स्वैच्छिक कार्यक्रम- निक्षय मित्र शुरू किया है. जिसमें लोगों को टीबी रोगियों की देखभाल और उनके पोषण का ध्यान रखने का आह्वान किया गया है. इस नई पहल के तहत, 1,000 से अधिक नागरिकों ने भारत में तपेदिक (टीबी) से पीड़ित लगभग 7,000 रोगियों को गोद लिया है. इस मामले में महाराष्ट्र चार्ट में सबसे ऊपर है. आधिकारिक तौर पर अभी पूरे देश में इस योजना को लॉन्च किया जाना है, लेकिन नि-क्षय मित्र के पोर्टल पर जुलाई के अंतिम सप्ताह से उत्सुक लाभार्थियों का पंजीकरण शुरू हो गया है.
नई दिल्ली: टीबी मरीजों के लिए शुरू की गई नई पहल के तहत, 1,000 से अधिक नागरिकों ने भारत में तपेदिक (टीबी) से पीड़ित लगभग 7,000 रोगियों को गोद लिया है. इस मामले में महाराष्ट्र चार्ट में सबसे ऊपर है. इस पहल के जरिए तपेदिक से पीड़ित रोगियों को नैदानिक और पोषण संबंधी सहायता प्रदान की जाएगी ताकि वे जल्द से जल्द इस बीमारी से ठीक हो सकें. टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत केंद्र ने एक नया स्वैच्छिक कार्यक्रम- निक्षय मित्र शुरू किया है. जिसमें लोगों को टीबी रोगियों की देखभाल और उनके पोषण का ध्यान रखने का आह्वान किया गया है.
हालाँकि इसे आधिकारिक तौर पर अभी पूरे देश में लॉन्च किया जाना है, लेकिन नि-क्षय मित्र के पोर्टल पर जुलाई के अंतिम सप्ताह से उत्सुक लाभार्थियों का पंजीकरण शुरू हो गया है. द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा एकत्र किए गए डेटा से पता चलता है कि 24 अगस्त तक 1,125 व्यक्तियों और गैर सरकारी संगठनों ने ऑनलाइन पंजीकरण किया है और भारत में 6,975 टीबी रोगियों को गोद लिया है. इनमें से 30 प्रतिशत लोग महाराष्ट्र से हैं और संख्या देश में सबसे अधिक है.
महाराष्ट्र के बाद दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश
इसके बाद उत्तर प्रदेश का नंबर आता है, जहां 330 लोगों ने 2,064 टीबी मरीजों को गोद लिया है. इसके बाद गुजरात तीसरे, राजस्थान चौथे और हरियाणा ने पांचवें नंबर है.महाराष्ट्र के टीबी अधिकारी डॉ रामजी अडकेकर ने बताया कि, इस पहल में महाराष्ट्र सबसे आगे रहा है. राज्य में टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए पुणे में 88 लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है, जो 36 जिलों में सबसे अधिक है. इसके बाद मुंबई में 30 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हैं.
बता दें कि, नियमानुसार व्यक्तियों के अलावा गैर सरकारी संगठन, संस्थाएं और राजनीतिक दल भी टीबी के मरीजों को गोद ले सकते हैं. इसके लिए लाभार्थियों को पोर्टल पर लॉग इन करना होगा, नाम, फोन नंबर और पते के साथ अपनी जानकारी देनी होगी. फिर वे उस क्षेत्र का चयन कर सकते हैं जिसे वे राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर समर्थन देना चाहते हैं. वे कई टीबी रोगियों को गोद लेने का विकल्प भी चुन सकते हैं.
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Tags: Modi government, Union health ministryFIRST PUBLISHED : August 27, 2022, 09:14 IST