जब पीछे छूट गए सारे रिश्ते तब कांस्टेबल आशुतोष को बहन ने दी मुखाग्नि नम हुई सबकी आंखें
जब पीछे छूट गए सारे रिश्ते तब कांस्टेबल आशुतोष को बहन ने दी मुखाग्नि नम हुई सबकी आंखें
ब्रह्मपुर. ओडिशा के ब्रह्मपुर में शनिवार को एक ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं. एमवी कांस्टेबल आशुतोष मृदंगिया के अंतिम संस्कार के दौरान उनकी छोटी बहन ने भाई को अंतिम विदाई दी और पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं. पांडव नगर स्थित श्मशान घाट में बहन अपने भाई के पार्थिव शरीर के आगे-आगे चली. मुखाग्नि देने से पहले उसने भाई के शव की तीन बार परिक्रमा की और फिर चिता को अग्नि दी. अंतिम संस्कार के बाद बहन ने अपने भाई के चरण स्पर्श कर आखिरी बार उनका आशीर्वाद लिया. यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया. बताया जा रहा है कि कांस्टेबल आशुतोष मृदंगिया कुछ दिन पहले गंभीर रूप से झुलस गए थे. उन्हें गंभीर हालत में एम्स भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया था. मौत से पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी और साले ने उन्हें आग लगाई थी.