कौसानी में अमेरिकन सेब से मोटी कमाई कर रहे किसान एक साल में ही आ जाता है फल
कौसानी में अमेरिकन सेब से मोटी कमाई कर रहे किसान एक साल में ही आ जाता है फल
भारत का स्विट्जरलैंड के नाम से मशहूर कौसानी में मदन सिंह नामक किसान ने पिछले साल मार्च में गाला अमेरिकन प्रजाति के 250 पौधे खरीदकर रोपित किया. एक साल पहले रोपे गए इन पेड़ों पर लगभग सात से दस किलोग्राम तक फल आया है. कोका कोला कंपनी इन सेबों को 100 रुपये की दर से खरीदने को तैयार है.
सुष्मिता थापा
बागेश्वर. भारत का स्विट्जरलैंड कहे जाने वाले कौसानी में अब सेब का बृहद मात्रा में उत्पादन होने लगा है. यहां पिछले साल लगाए गए पौधे एक साल बाद ही फल देने लगे हैं. इन सेबों को पेय पदार्थ के क्षेत्र में काम कर रही कोका कोला कंपनी खरीदेगी और उसे बोतल में बंद करके ग्राहकों को बेचेगी.
कौसानी निवासी 69 वर्षीय मदन सिंह बताते हैं कि पिछले साल उनकी भीमताल में एक कंपनी के फल विशेषज्ञों से मुलाकात हुई. उन्होंने बताया कि कौसानी में गाला अमेरिकन प्रजाति का सेब का उत्पादन हो सकता है. अगर कोई किसान इसका बगीचा तैयार करने को लेकर इच्छुक है तो कंपनी उन्हें मदद करेगी. हालांकि तब क्षेत्र का कोई किसान तैयार नहीं हुआ, लेकिन मदन सिंह ने उनसे प्रथम चरण में पिछले साल मार्च माह में 250 पौधे खरीदकर रोपित किया.
100 रुपये किलो के दर से कोका कोला खरीदेगी सेब
कंपनी ने बताया कि वे उत्पादन के एक हिस्से के सेब को सौ रुपये प्रति किलोग्राम के दर से कोको कोला कंपनी को बेचेंगे. अगर इससे ज्यादा कीमत उन्हें दूसरी जगह से मिलेगी तो वे उसे वहां भी बेच सकते हैं.
मदन सिंह ने बताया कि उन्होंने सेब की पौध एक साल पहले रोपित की इस बार उसमें फल आ गया है. हर एक पेड़ में लगभग सात से दस किलोग्राम तक फल आया है, जिसमें वे आधा सेब कोको कोला कंपनी को बेचेगा, जिसमें उसे मार्केटिंग की समस्या का समाधान होगा, जबकि स्थानीय बाजार में यह सेब उपलब्ध कराया जाएगा.
पर्यटक भी घूमने आते हैं सेब के बगीचे
कौसानी आने वाले पर्यटक यहां सेब के बगीचे देखना नहीं भूलते हैं. अब कौसानी का सेब का बगीचा भी पर्यटकों के अवलोकन का प्रमुख स्थान हो गया है.
बंदर लगा रहे हैं आय में ग्रहण
मदन सिंह बताते हैं कि कौसानी में सेब और किवी की खेती से अच्छा लाभ कमाया जा सकता है, लेकिन बंदर और दूसरे जंगली जानवर इसे नुकसान पहुंचाते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह बंदरों, सुअरों से काश्तकार की फसल को बचाएं तो उत्तराखंड पर्यटन व फल उत्पादन में उन्नत राज्य बन सकता है.
जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह कहते हैं कि कौसानी में अमेरिकन गाला प्रजाति का सेब का उत्पादन अच्छी मात्रा में हो रहा है. मदन सिंह ने किसी कंपनी के साथ इसका उत्पादन किया है. उद्यान विभाग भी आवश्यकता पड़ने पर सहयोग करता है. अन्य स्थानों में भी इस तरह के उत्पादन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं.
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Tags: Apple, Bageshwar News, FarmersFIRST PUBLISHED : June 24, 2022, 15:53 IST