उस हसीन तवायफ को मंदिर पुजारी से हो गया प्यार आंखों ही आंखों में हुआ ये इशारा
ये 20वीं सदी के दूसरे दशक की बात है. तब तवायफें महफिलों में अपनी गायकी और नाजोअदा से ऐसे तीर चलाती थीं कि ना जाने कितनों का दिल लूट लेती थीं. इनसे जुड़े बहुत से किस्से हैं. एक चर्चित किस्सा पटना का भी है.
