26 साल में 35 करोड़ सैलरी पर एक बंगला 96 करोड़ का IAS संजीव हंस पर चार्जशीट

IAS Sanjeev Hans News: आईएएस संजीव हंस के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन के दौरान कई ऐसे दस्तावेजों समेत इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस को इकठ्ठा किया गया था, जिसको विस्तार से खंगालने पर पता चला था कि ऊर्जा मंत्रालय से जुड़े कई ठेकेदार और सरकारी अधिकारी के खिलाफ सबूत मिले हैं. इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की गई थी, जिसके बाद उनके खिलाफ चार्जशीट में विस्तार से तमाम जानकारियों को साझा किया गया है.

26 साल में 35 करोड़ सैलरी पर एक बंगला 96 करोड़ का IAS संजीव हंस पर चार्जशीट
हाइलाइट्स आईएएस संजीव हंस के खिलाफ दायर हुआ करीब 20 हजार पन्नों का चार्जशीट. संजीव हंस पर पूर्व विधायक गुलाब यादव के साथ मनी लॉन्ड्रिंग का भी है आरोप. नई दिल्ली/पटना. केन्द्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement of Directorate/ED) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए बिहार में कार्यरत आईएएस अधिकारी संजीव हंस (IAS Sanjeev Hans) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में चार्जशीट दाखिल किया गया है. ये चार्जशीट पटना स्थित ईडी की विशेष कोर्ट में दायर किया गया है. सूत्र बताते हैं कि-कोर्ट में इस मामले में करीब 20 हजार पन्नों का चार्जशीट दाखिल किया गया है. जिसमें आरोपी के तौर पर संजीव हंस और उनके बेहद करीबी प्रवीण चौधरी, पुष्पराज सहित कई अन्य आरोपियों और कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया गया है. सूत्र बताते हैं कि आने वाले समय में इस मामले में कई बड़े खुलासे देखने को मिल सकता है. ऊर्जा मंत्रालय से जुड़े कई ठेकेदार आ गए हैं जांच एजेंसी के रडार पर- जांच एजेंसी ईडी द्वारा इसी साल एक और मामला दर्ज कर 18 अक्टूबर की सुबह-सुबह सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया था. जांच एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि ये कार्रवाई पटना वाले आवास सहित दिल्ली के तीन लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. सर्च ऑपरेशन के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी खंगाला गया. उसी दौरान काफी महत्वपूर्ण सबूतों को इकठ्ठा किया गया था. उसी सर्च ऑपरेशन के दौरान कई ऐसे दस्तावेजों समेत इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस को इकठ्ठा किया गया था, जिसको विस्तार से खंगालने पर पता चला था कि ऊर्जा मंत्रालय से जुड़े कई ठेकेदार और सरकारी अधिकारी के खिलाफ सबूत मिले हैं. इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की गई थी, जिसके बाद उनके खिलाफ चार्जशीट में विस्तार से तमाम जानकारियों को साझा किया गया है. मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामले की तफ्तीश का दायरा बढ़ा बता दें कि इस केस में अब तक जांच एजेंसी द्वारा 11 आरोपियों की गिरफ्तारी को अंजाम दिया जा चुका है, जिसमें पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट में उसके खिलाफ तमाम जानकारियों को डाला गया है. बाकी अन्य आरोपियों के खिलाफ जल्द ही पूरक चार्जशीट यानी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर किया जाएगा. दरअसल, बिहार पुलिस की एंटी करप्शन विंग-विशेष निगरानी इकाई ( The Special Vigilance Unit /SUV) के द्वारा दर्ज एक नए मामले को ईडी की पटना जोनल ऑफिस के द्वारा टेकओवर कर लिया गया है और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामले की तफ्तीश का दायरा आगे बढ़ा दिया गया है. आईएएस संजीव हंस की पत्नी के खिलाफ मिले सबूत! हालांकि, इस मामले में जांच एजेंसी से सूत्र बताते हैं कि आईएएस संजीव हंस के खिलाफ पहले एक अन्य मामले की जांच की जा रही थी, लेकिन ये जो नया मामला है इस केस में आईएएस संजीव हंस, उनकी पत्नी हरलोविलिन कौर उर्फ मोना सहित परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के काफी सबूतों को विशेष निगरानी इकाई और ईडी के द्वारा इकठ्ठा किया गया है. जांच एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि जल्द ही इस मामले में कई अन्य आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और इसके लिए अगले सप्ताह से पूछताछ के लिए समन भेजे जा सकते हैं. आरोपियों से इस मामले में पूछताछ की प्रक्रिया पटना स्थित ईडी जोनल दफ्तर में होगी. जांच के रडार पर कई इनपुट्स आए हैं, जो प्रमुख तौर पर इस प्रकार से हैं- 1. करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला- जांच एजेंसी के रडार पर मेसर्स वंशीधर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी और उससे जुड़े निदेशक अब जांच के रडार पर आ गए हैं. सूत्र के मुताबिक, साल 2019 -20 के दौरान जब जल संसाधन विभाग में आईएएस संजीव हंस की तैनाती थी, तब सुभाष यादव नाम के व्यक्ति की कंपनी मेसर्स वंशीधर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को गुलाब यादव ने कई काम दिलाए थे. इसी कंपनी से कई टेंडर और उससे जुड़े करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेनदेन और कमीशन से जुड़ा मामला जांच के रडार पर आ चुका है. 2. लेन-देन वाला चेक बरामद किया गया- नई दिल्ली स्थित युसूफ सराय इलाके में स्थित एक फ्लैट जो अवासिय सहित व्यावसायिक प्रॉपर्टी भी जांच एजेंसी के रडार पर आया है. हालांकि, इस प्रॉपर्टी का कनेक्शन प्रवीण चौधरी नाम के एक अन्य आरोपी के साथ सामने आया है. जिसका करीबी संबंध संजीव हंस सहित गुलाब यादव का साथ जुड़ता हुआ पाया गया है. लिहाजा इसी बात के मद्देनजर 16 जुलाई 2024 को जांच एजेंसी ईडी के द्वारा जब इस लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया था. तब कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सहित कुछ संदिग्ध लेनदेन वाले चेक बरामद किया गया था. सूत्र के मुताबिक, उसी सर्च ऑपरेशन के दौरान दो करोड़ 75 लाख रुपए का एक संदिग्ध लेनदेन वाला चेक बरामद किया गया था. जिसके बाद अब तफ्तीश का जिम्मा आगे बढ़ाया जा रहा है. 3. कुल कमाई से तीन गुना बंगले का दाम- संजीव हंस का दिल्ली स्थित आनंद निकेतन वाला घर जिसकी अनुमानित कीमत करीब 9 करोड़ 6 लाख रुपये आंकी गई है. जिसकी वजह से सबसे बड़ा सवाल उठता है की जब संजीव हंस अपने नौकरी के दौरान यानी साल 1997 से लेकर 2023 के बीच करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की सैलरी अर्जित किए, जबकि उनका आनंद निकेतन वाला घर ही करीब उस रकम से करीब तीन गुणा ज्यादा आंकी गई है. तब सवाल उठता है कि ये पैसा कहां से आया? लिहाजा कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई खुलासे देखने को मिल सकता है. Tags: Bihar latest news, Corruption caseFIRST PUBLISHED : December 17, 2024, 14:42 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed