चित्रकूट का चंदन का प्रसाद भक्त क्यों ले जाते हैं घर भगवान राम से जुड़ी है मान्यता जानें

धर्म नगरी चित्रकूट को प्रभु श्रीराम की तपोस्थली के रूप में पूरे देश में विशेष पहचान प्राप्त है.मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान अपने जीवन का एक लंबा समय चित्रकूट में बिताया था.यही कारण है कि सालभर देश के अलग-अलग राज्यों से लाखों श्रद्धालु चित्रकूट पहुंचते हैं.यहां आने वाले भक्त कामदगिरि की परिक्रमा करते हैं, रामघाट में मां मंदाकिनी के पावन जल में स्नान करते हैं.

चित्रकूट का चंदन का प्रसाद भक्त क्यों ले जाते हैं घर भगवान राम से जुड़ी है मान्यता जानें