क्या है बिरयानी का असली मतलब कहां से दिया गया नाम यहां समझें सही बात

Biryani: बिरयानी बहुत से लोगों की पसंदीदा डिसेस में से एक है. इसको कई तरह से बनाकर खाया जाता है. इसकी खुशबू और स्वाद आपको खाने के लिए मजबूर करता है. अब सवाल है कि आखिर बिरयानी का मतलब क्या है? बिरयानी शब्द आया कहां से है? ऐसे तमाम सवाल हैं, जिसे लोग जानना चाहते हैं. तो चलिए जान लेते हैं इस बारे में-

क्या है बिरयानी का असली मतलब कहां से दिया गया नाम यहां समझें सही बात
Biryani: कहते हैं खाना सिर्फ पेट ही नहीं, बल्कि दिलों पर भी अपनी छाप छोड़ता है. शायद इसलिए लोग मनपसंद खाने को इमोशन कहते हैं. दरअसल, हम जो भी कुछ भी खाते हैं, उसका अलग रंग, रूप और स्वाद ही आपको अपना दीवाना बना लेता है. ऐसी ही एक डिश का नाम है बिरयानी. जी हां, बिरयानी बहुत से लोगों की पसंदीदा डिसेस में से एक है. इसको कई तरह से बनाकर खाया जाता है. इसकी खुशबू और स्वाद आपको खाने के लिए मजबूर करता है. अब सवाल है कि आखिर बिरयानी का मतलब क्या है? बिरयानी शब्द आया कहां से है? ऐसे तमाम सवाल हैं, जिसे लोग जानना चाहते हैं. तो चलिए जान लेते हैं इस बारे में- देशभर में हर साल जुलाई का पहला रविवार विश्व बिरयानी दिवस के रूप में जाना जाता है. यह अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग स्वाद और महक के साथ अलग-अलग दिखती है. कोलकाता, लखनऊ, हैदराबाद, चंडीगढ़, अहमदाबाद, मुंबई, डिंडीगुल, अंबूर, पोन्नानी और उत्तर भारत के कई अन्य शहरों में विभिन्न प्रकार की बिरयानी बनाकर खाई जाती हैं. शौकीनों की फेहरिस्त लंबी इसका स्वाद लोगों के दिलों पर इस कदर राज करता है कि बिरयानी का नाम सुनते ही उनकी जीभ में पानी आ जाता है. खाने के शौकीनों के लिए बिरयानी सिर्फ एक भोजन नहीं, बल्कि एक भावना है. यही वजह है कि ‘बिरियन लवर्स’ की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद बिरयानी में चावल, मांस और तेल होता है. बिरयानी खाने से हमारे शरीर को भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट मिलता है. यह शरीर के लिए विशेष रूप से उपयोगी है. बिरयानी में हल्दी और केसर जैसे मसाले हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाने का काम करते हैं. हालांकि, अधिक मसालेदार बिरयानी खाने से बचना चाहिए. देश 10 तरह की वैराइटीज उपलब्ध देश में करीब 10 तरह की बिरयानी उपलब्ध हैं. इसमें कोलकाता बिरयानी का स्वाद बेहद उम्दा माना जाता है. मटन या चिकन के साथ थालास्सेरी बिरयानी- केरल के मालाबार क्षेत्र की बिरयानी, खैमा या जिरागा सांबा चावल इस बिरयानी की खासियत है. वहीं, लखनऊ बिरयानी, अंबुर बिरयानी, सिंधी बिरयानी, कच्ची बिरयानी, दम बिरयानी और चिकन बिरयानी भी स्वाद के लिए अलग पहचान बनाए है. बिरयानी बनाते समय घी का इस्तेमाल जरूरी यदि आप घर पर बिरयानी बनाना चाहते हैं तो कुछ टिप्स फॉलो करके दुकान की तरह बना सकते हैं. बता दें कि, बिरयानी में घी बहुत जरूरी होता है. अगर घी सही नहीं होगा तो बिरयानी सूखी हो जाएगी. इसलिए पर्याप्त मात्रा में घी का प्रयोग करें. इसके बाद चिकन या मटन डालकर बिरयानी बना सकते हैं. ये भी पढ़ें:  बच्चों की मानसिक सेहत बिगाड़ रही मोबाइल की लत, डिप्रेशन में आकर उठा रहे आत्मघाती कदम, ऐसे करें सुधार ये भी पढ़ें:  अलर्ट: टीनएजर्स को भी शिकार बना रही अधेड़ों वाली यह बीमारी, चुपके से शरीर पर करती है वार, जानें कारण, लक्षण और उपचार बिरयानी का अर्थ और कहां से आया? अगर इसके मूल नाम की बात करें तो ‘बिरयानी’ फ़ारसी शब्द ‘बिरियन’ से आया है, जिसका अर्थ है ‘खाना पकाने से पहले तला या ग्रील्ड हुआ’. ऐसा माना जाता है कि एक अन्य फ़ारसी शब्द का नाम बिरिंज से लिया गया है. इसका मतलब है कि इसे पकाने से पहले तला जाना चाहिए. इसके बाद लोगों को खाने के लिए सर्व करना चाहिए. Tags: Biryani, Food, Food Recipe, LifestyleFIRST PUBLISHED : May 20, 2024, 08:25 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
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