नारे लगाने वाले सभी छात्र हो सकते हैं सस्‍पेंड JNU का कड़ा रुख

जेएनयू प्रशासन ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी पर जीरो टॉलरेंस अपनाते हुए सख्त रुख अख्तियार किया है. मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और दोषी छात्रों को तत्काल निष्कासन या निलंबन का सामना करना पड़ सकता है. प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय नवाचार के केंद्र हैं, जिन्हें नफरत की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा. अनुशासन और संवैधानिक गरिमा बनाए रखना अब प्राथमिकता है.

नारे लगाने वाले सभी छात्र हो सकते हैं सस्‍पेंड JNU का कड़ा रुख